चाचा जी की आत्मकथा

दिल्ली के स्वाधीनता सेनानी


सुरेन्द्रनाथ जौहर: जन्म 13 अगस्त 1903, ग्राम वहाली, जिला जहलम (अब पाकिस्तान में );निवासी: श्रीअरविन्द आश्रम, नई दिल्ली; शिक्षा: डी0ए0वी0 कॉलिज व नेशनल कॉलिज, लाहौर; सदस्य: जिला काँग्रेस कमेटी (1923), सदस्य: प्रांतीय काँग्रेस कमेटी (1934-47); भाग लिया: सविनय अवज्ञा आन्दोलन;(Civil Disobedience Movement)(1930); ‘भारत छोड़ो’’ आन्दोलन;(Quit India Movement) (1942) ।

मार्शल-लॉ (फ़ौजी कानून) (1919) के नियमों का उल्लंघन, ब्रिटिश सार्जेंटों द्वारा पिटाई, यंत्रणाएँ-उत्पीड़न और जबरन मार्च झेलीं; स्वदेशी आन्दोलन (1930) विदेशी कपड़े का बहिष्कार - चाँदनी चौक के समूचे कटरों में संगठन; 14 नवम्बर 1930 को घंटाघर पर काँग्रेस का स्वाधीनता-दिवस प्रस्ताव पढ़ा; गिरफ़्तारी और छः कानून भंग के जुर्मों पर मुक़द्दमे, नौ मास व छः मास का कठोर कारावास सेंट्रल जेल मुलतान में भोगा - जेल में भीषण यंत्रणाएँ, सन् 1931 में गाँधी-इरविन समझौते के अंतर्गत रिहाई; सन् बयालीस (1942) में भूमिगत (Underground) होकर श्रीमती अरुणा आसफ़अली और श्री जुगलकिशोर खन्ना के साथ आन्दोलन का संगठन व संचालन: 17 सितम्बर 1942 को पिस्तौल की नोक पर प्रचंड संघर्ष के बाद गिरफ़्तारी; हज़ारों की संख्या में अनुयायियों की भीड़ के बीच कनॉट प्लेस में अपनी धर्मपत्नी के साथ घसीटे गये; कठोर हाथापाई के दौरान ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट ने इन्हें गोली से उड़ा देने का आदेश दिया - दैवयोग से रक्षा; लगभग दो वर्षों के तहत मुक़द्दमे चलते रहे; अंत में 6 मई 1944 को जेल से रिहाई।

उपरिलिखित उद्धरण: दिल्ली के स्वाधीनता सेनानी - राजपत्र भाग एक

दिल्ली प्रशासन दिल्ली से